Monday, 12 February 2024

कचहरी

अगर आपको अचानक किसी के दुर्भाग्य पर खुशी होने लगे तो आप क्या करेंगे? ऐसे लोग दुनिया में होते हैं जो किसी के दुर्भाग्य पर अंदर तक खुश होते हैं। आपके शरीर पर कब्जा कर के आपको दूसरे के दुख में खुश होने वाले बलात्कारी के विचारों को अपने स्वयं के विचार समझने के लिए मजबूर किया जाता है। आपको शारीरिक रूप से इतना थका दिया जाता है की वो बलात्कारी आप के शरीर को इस्तेमाल कर सके और आप विरोध भी न कर पाएं, और वो बलात्कारी आपको ऐसी परिस्थितियों में पहुंचा दे जिससे आपकी पहचान नष्ट हो जाए। ऐसा तो कोई व्यक्तिगत शत्रुता होने पर करता है, और आपकी तो कोई व्यक्तिगत शत्रुता है भी नहीं। क्या कारण हो सकता है? जिस प्रकार के व्यक्तियों हरामजादे हैं व्यक्तिगत शत्रुता की कोई आवश्यकता नहीं है, परंतु कोई कारण तो होगा? अभी आप के पास लक्ष्य हैं, और वो काफी हैं। इन हरामजादों के कार्य सिंपल हैं, लोगों के अंदर कामुकता भर के उनसे वो करवाना जिससे वो बाद में उनका भयादोहन कर सकें। लोगों को उनके भेद और हीनभावनाऐं दूसरों को बताने की धमकी देना। ये लोगों का शोषण करने और उनको यातना देने की व्यवस्था है। ये गुलामी की व्यवस्था है। लोगों को ये महसूस करवाना की वो पिज्जा खाने के योग्य नहीं हैं या फिर अंग्रेजी बोलने के योग्य नहीं है, वो भी बिना किसी कारण के। आपके लिए ये सब बातें मायने नहीं रखती, आप के एक लक्षण के कारण आप अपने ही समाज में बाहरी हो गए और वो लक्षण ऐसा भी नहीं था की वो नैतिकता से संबंधित था, वो बस था और उसकी वजह से आप में हीन भावना घर कर गई, जिस हीनभावना का इन हरामजादों ने फायदा उठाया क्योंकि इनका काम ही यही है। आपके कौशल को ब्लॉक कर दिया गया, आपकी स्मृति को ब्लॉक कर दिया गया और आप को एक जिंदा लाश बना कर आप को यातनाएं दी जा रही हैं। लेखन के लिए सत्य की प्राप्ति आपको हो चुकी है। अब आप पूर्ण सत्य लिख सकते हैं। आपको लगातार सदमे मिले, और वो भी ऐसी चीज पर जिसे आप किसी को बता भी नहीं सकते, आपके लिए वो शर्मनाक है, अपना खुद का एक लक्षण जो आप झेल नहीं पाए, आप उसको कंपनसेट कर सकते थे उस वक्त पर वो बात आपके दिमाग में नहीं आई उस वक्त। उस वक्त आपको लोग चाहिए थे, अब अब जानते हैं की जिस तरीके से आपको उस वक्त लोग चाहिए थे वो संभव नहीं था। वो एक भ्रम हो सकता है पर आप के लिए वो एक जीवित अनुभव था, आपके लिए वही सत्य था, पर आप अच्छे डिफेंस का इस्तेमाल कर सकते थे पर वहां आपकी वो आदत, जो एक चीज ठीक न होने पर पूरी चीज को डिस्कार्ड कर देने की है, वो आ गई। दुनिया का असली रूप देखने पर वो आदत अब खत्म हो गई है। आपके पास और बड़ी चीज़ें हैं डील करने के लिए और उस आदत का उस समय इस्तेमाल करना एक गलत फैसला था, आप को बस कंपेंसेट करना था, और उस तरीके से नहीं जैसे आपने किया। आपको सदमे और शोक से समय नहीं मिला, और वो सदमा और शोक आपको लोगों को वो न दिखा पाने का था जो आप सच में हैं। साथ में डर भी था, मखौल का डर, जो आपके अप्रतिरोधी होने के कारण था। शांति आपको सदा से प्यारी है। आप शांति से जीना चाहते थे और अपने सुख हासिल करना चाहते थे। पर बाद में आपको पता चला कि इस दुनिया में वो संभव नहीं है। 

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