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Wednesday, 16 March 2022

ले ला कटहर के कोआ

Oct 29/2020

ई ससुरा नेता लोगन दारू पिया पिया के vote ले लिहन अउरी फिर सरकार बना के खेले खाये क उमर वाला लइका लईकी के दारू पिया के जंग क मैदान में भेज देवेलं।

केहू “this morning I woke up at night” कहत बा, केहू त जब से आइल बा पनिये क कमी पड़ गइल। ओकरो पहिले भी कुछो अइसन बढ़िया न रहल।

राजा लोगन क privy purse बंद हो गइल, राजा लोग सड़क प आ गइलें। जे एतना बरिस प्रजा के बोझा ढोअलस ओकरे खानदान के बेसिक पेंशनों ना मिलल, राजा लोग होटल खोल के जीयत बाड़ें।

जे कपार प टट्टी उठावत रहे उ आजो उठावत बा, कौनों न कौनों रूप में। एतना साल से का भइल कुछ पता ना। सरस्सत्ति पूजा में लइका कुल “लगावेलु जब लिपिस्टिक प दारू पी के नाचत बाड़न, अउरी दारू पी के नाचे वाला जगह प ताला लागल बा।

केहू रंडी बा के पुलिस बा पते ना चलत बा। चोर के चौकीदार के लाठी से डर न लागेला, आम अदमी के लागेला, चोर त मौका देख मस्ता के चोरावे ला अउरी जा के बाज़ार में बेच देवेला।

पढ़ल लिखल लैकवन के पियाक लोगन क कुक्कुर बने के पड़ेला काहिं के कपार प त सौ मन वजन राखल बा।

एडवर्ड स्नोडेन ससुरा रुसिया में जा के लुकाइल बा, काहीं के इहाँ त रोबोट के रिमोट कंट्रोल से चला के शक्तिप्रदर्शन करल जाला। बिग बॉस देखा के रसपान करल जाला। ब्राउन मैन के कब्बो ब्लैक त कब्बो व्हाइट, ससुरा गदहा मतीन गाजर देखा के एहर ओहर दौड़ावल जात बा। बेहूदा लोगन के पानी क कमी बा लेकिन झुंड का ताकत त बटले बा।

स्वयंसेवक बहिरे स्वयंसेवा करत हउवें अउरी अकेल लइका बाथरूम में जा के स्वयं सेवा क ले त हकीम रहमानी के हिसाब हो जाला।

टीवीयो प पता नाहीं का देखावेलं सो। दादी नानी अउरी गांवे के एतना किस्सा कहनी कुल बिलुप्त हो गइल, बस चूतड़ मटका के बोझा ढोआवेके ह, ससुरा न पिएं वालन के भी, जे कथा कहानी वाला ह खाली, ओहुके पियाक बना देवेलं सो। फिर जूतम पैजार होवेला की ई ससुरा त पियले ह।

जब बकरा बने के ह कैसनहु आम आदमी के, त कम से कम आपन दिल क बात लिख के बकरा बने। ससुर खस्सी काट के खा जालं सो, पता नाहीं का होइ जौना दिन खस्सी के दांत निकल आइल अउरी खस्सी बडियार हो गइल।

चंद्रगुप्त अउर चाणक्य

Oct 28/2020

बिहार भारत क प्राचीनतम civilizations में रहे। पता नाहीं का भइल की ई प्राचीनतम uncivilization में बदल गइल। बिहारी कुल labour बन के बाहर बढ़िया काम करेलन सों पर अपने घरे पता नहीं का हो जाला कि अंदर अउरी बाहर क balance एकदम्मे गड़बड़ा जला। बड़ा खेला बा। लालू लालटेन जला दिहलें लेकिन उ लालटेन क रोशनी खाली यादव लोगन के पहुँचल। पान न खाए क भारी कीमत चुकावे के पड़ल बिहार के। ससुरा जे देखा बइस्ति क के चल जाला। खान साहब अउरी कपूर साहब लोग बिहारी के बकरा मति नाचावेलें। बिहारी बुद्धिमान होलें, लेकिन खान साहिब अउरी कपूर साहिब से डरा जालें। आज के दुनिया में बिहारी क जनम खाली खान साहिब अउरी कपूर साहिब क कुली बने खातीं थोड़े भइल ह। लेकिन बिहारी कुल चतुराई के बाद भी एतना सरीफ बा कि आपन कर्तव्य पूरा करेला। बिहारी बहिरे जाला त आईएस बन जाला अउरी कुछो लायक न भइल त construction क काम त हइये ह। अउरी अपना इहाँ रहेला त चोर अउरी बकचोद बन जला। भट्ट साहिब अपना ड्राइवर के ठीक से रखत हउअन की नाहीं? ड्राइवर के ठीक से रखे के चाही, कब्बो कब्बो, बख्शीश भी दे देवे के चाही।

बिहारियन के West Indies ले जा के चीनी का खेती करा के “भय बिन होई न प्रीति” के सार्थक करल जाला। बिहारी ससुरा दांत चिपोर के बोझा उठावत जाला।

बिहारियन के दारू पिये बदे लुकाये के पड़ेला, इहाँ तक कि चाट खाये बदे भी पर्दा लगावे के पड़ेला। बियाह न भइल त गुड्डू रंगीला बने के पड़ेला। रणवीर सेना क कुल पराक्रम बिहारे तक सीमित दिखाई पड़ेला। अहिरन मति गाड़ी चोरावे अउरी लईकी उठावे से रणवीर न बन जइबा। असली रणभूमि जहां बा उन्हें कुछ होखी, नाहीं त संजय मति खाली महाभारत क खेला देखा।

उफान

सपने टूटते हैं  तो दिल टूट जाता है, दर्द का दरिया उमड़ता है कभी, कभी गुस्से का उफान, खालीपन सा घर कर लेता है  सीने में और फिर हम फिर उस खालीप...