मजबूरी एक ऐसी चिड़िया है जिसने बड़े से बड़े महारथियों को धूल चटा दी। कभी कभी मुझे लगता है के कार उठाऊँ और कहीं दूर घूमने चला जाऊं। पहाड़ मुझे हमेशा से पसंद रहे हैं। जंगल और पहाड़। बचपन के दिनों में पहाड़ी जंगलो से गुज़रते हुए मुझे हमेशा ऐसा लगता था के मैं यहीं बस जाऊं। एक पहाड़ी शिकारी, जंगलो में रहता, शिकार करता, खाता पीता, मस्त रहता।
ज़िन्दगी की बेड़ियां आप के सपनो पर पेशाब कर देती हैं। आप के सपने बस सपने रह जाते हैं। आपकी बचपन की वो चाहत, बरसात की बूंदों के बीच खेलना और दीवाना हो जाना, ये सारी चीज़े भीड़ में कहीं खो गयी हैं। आप को अच्छा लगे या न लगे ज़िन्दगी आगे बढ़ती रहेगी। आप बढ़ें या न बढ़ें।




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