Monday, 3 August 2026

सूरज जब सोता है

सूरज जब सोता है
शाम ढलती है रात में
आता है जब अंधेरा
लेकर चाँद और तारे साथ में
तब होती है एक उम्मीद
फिर एक नया सवेरा आएगा
जगमग धरा को कर जाएगा
फिर से रोशन होगी ये धरती
चहचहाएंगी फिर वो चिड़िया उड़ती
सूरज जब सोता है
देता है वह उम्मीद
होगा फिर से प्रफुल्लित ये मन
होगा उज्जवल फिर से ये उपवन

No comments:

Post a Comment

Bread and Butter

I have no idea how deep states of other regions operate but I have idea about Purvanchal, and although the regions are connected modus opera...