सूरज जब सोता है
शाम ढलती है रात में
आता है जब अंधेरा
लेकर चाँद और तारे साथ में
तब होती है एक उम्मीद
फिर एक नया सवेरा आएगा
जगमग धरा को कर जाएगा
फिर से रोशन होगी ये धरती
चहचहाएंगी फिर वो चिड़िया उड़ती
सूरज जब सोता है
देता है वह उम्मीद
होगा फिर से प्रफुल्लित ये मन
होगा उज्जवल फिर से ये उपवन
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