Friday, 20 February 2015

ठंडी वादियों में
बादलों की अठखेलियां
और चिनार के पेड़ों पर
बर्फ की चादर
चट्टानों से टकराती
नदी की लहरें
और आकाश को चूमती
सफ़ेद चोटियाँ
परायी धरती पर
अपनेपन का एहसास
और घर वापसी की उदासी

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उफान

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