कई बार जब हम कुछ खोते हैं
तब कुछ पाते हैं
खोया पाया का खेल है
जीवन सुख दुःख का मेल है
कुछ पा के कुछ खोया है
सब्र का बीज बोया है
फल की उम्मीद नहीं
मिल जाए तो जीत वही
प्रेम के बीज भी बोये हैं
कुछ पंछी अभी भी सोये हैं
पेड़ों पर उनका रैन बसेरा है
अब कुछ देर है फिर सवेरा है
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