घिनौने और घटिया लोगों से भरी दुनिया जो दिमाग से दूसरों पर वार करते हैं। किसी से नफरत करने के लिए क्या चाहिए कुछ नहीं। शक्ल पसंद नहीं, कोई बात पसंद नहीं, लो जी बस हो गयी नफरत। कीड़े मकोड़ों की तरह बिलबिलाते लोग, कौन खयाल रखेगा उनका? कोई नहीं। पर किसी की ज़िंदगी तबाह करने के लिए दिन और रात दोनों एक कर देंगे। कॉमिक्स लिखने वाले शरीफ लोग बीमारी का शिकार हो कर बेमौत मारे जाते हैं, और घिनौने लोग बचे रहते हैं बाकी बचे शरीफ लोगों का जीवन नरक करने के लिए। जावेद अख्तर ने एक गाना लिखा था – "जग में सांप बसते हैं, सबको सांप डसते हैं, बैठे कुंडली मार के सांप फन काढ़े, सांप है फुंकारते, ज़हरीले ज़हरीले।" इंसानी रूप में ये रेंगते हुए कीड़े दूसरों को प्रताड़ित करके प्रसन्न होते हैं। साइकियाट्रिक रूप से इनकी पहचान मेगलोमेनियाक और साईकोपैथ के तौर पर हो सकती है, पर दुनिया का ये घिनौना रूप देखने की बजाय, इन रेंगने वाले निकृष्ट कीड़ों पर ध्यान केंद्रित करने की बजाय हम सुंदर चीजों पर ध्यान केंद्रित करेंगे, जैसे कि फलदार वृक्ष, पुष्प, बेलें, लताएं, नदियां, झरने, पहाड़ इत्यादि।
झरने में नहाती सुंदर युवतियां जो झरने में आधी डूबी वृक्ष की लताओं को पकड़ कर अठखेलियां कर रही हैं। झरने का ठंडा पानी उनके शरीर पर फिसल रहा है और वो हंस रही हैं। जीवन खुशहाल है। रात में झरने का सफेद पानी चंद्रमा की किरणों से चमकता है। जीवन ऐसा भी होता है पर ये घिनौने सरीसृप जीवन में सौंदर्यबोध रहने ही नहीं देते, जिसके जीवन में भी जाते हैं रह जाता है तो बस भय, और बस भय। कॉमिक्स लिखने वाले, या बाकी शरीफ लोग क्या करें, यही कर सकते हैं कि वो इन निकृष्ट कीड़ों से भय खा कर अपना सौंदर्यबोध खत्म न करें।
दूध जैसे झरने, रुई जैसी बर्फ से पटे हुए पहाड़, नदी का शांत किनारा जहां नावें चल रही हैं और छत पर बिछे गद्दों पर लेटे हुए चंद्रमा की रोशनी में शरीर को सहलाती हुई ठंडी हवा। ये भी जीवन है। एक ऐसी दुनिया भी है जहां अच्छे लोग बेमौत मारे नहीं जाते। सांपों से बच कर रहने में ही भलाई है, या फिर अगर फिर भी न मानें तो फिर उनका फन कुचल देने में। लेकिन इनके चक्कर में हम अपने जीवन की सुंदरता को क्यों खराब करें? आज भी सुबह की ठंडी ओस में घास पर चलने का मज़ा है, या फिर रेगिस्तान की ठंडी सुबह में हाथ में चाय का कुल्हड़ लिए उगते हुए सूरज को देखने का। सुंदरता अभी भी बहुत है बस हमें अपनी दुनिया चुननी है।
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